Monday, October 19th, 2026

IPO : कंपनियों ने अप्रैल-दिसंबर की अवधि में जुटाए 92 हजार करोड़ रुपये

नई दिल्ली
साल 2020 में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार गुलजार रहा। तरलता की बेहतर स्थिति तथा निवेशकों की उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के चलते कंपनियों ने पिछले साल आईपीओ के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 2021 में भी आईपीओ बाजार मजबूत रहने की उम्मीद है। कंपनियां इस साल भी आईपीओ लाने के लिए कतार में खड़ी हैं।

भारतीय कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर की अवधि में यानी नौ महीनों में शेयरों के सार्वजनिक निर्गम से 92,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 46 फीसदी अधिक है। कंपनियों ने अपनी कारोबारी जरूरत के लिए सबसे अधिक राइट्स निर्गम के जरिए धन जुटाया है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनियों ने सार्वजनिक निर्गम से 62,816 करोड़ रुपये जुटाए थे।

संसद में शुक्रवार का पेश आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि अप्रैल-दिसंबर के दौरान सार्वजनिक निर्गम से धन जुटाने वाली कंपनियों की संख्या घटकर 33 रह गई है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 49 कंपनियों ने सार्वजनिक निर्गम से धन जुटाया था। आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-दिसंबर के दौरान शेयरों के सार्वजनिक निर्गम से 91,993 करोड़ रुपये जुटाए गए। इसमें से 60,907 करोड़ रुपये की राशि 16 राइट्स निर्गमों से जुटाई गई। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में राइट्स निर्गम से 51,866 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

मालूम हो कि आईपीओ में निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी को देखते हुए सेबी आईपीओ के तहत आवेदन किए जाने वाले शेयरों की एक लॉट की कीमत को घटाना चाह रहा है। सेबी से जुड़े जानकारों ने कहा कि पूंजी बाजार नियामक एक लॉट के तहत 7500 रुपये के निवेश को अनुमति दे सकता है। फिलहाल 15 हजार रुपये का एक लॉट होता है। यानी अगर लॉट साइज की कीमत कम हो जाती है तो ज्यादा से ज्यादा निवेशक बाजार में आ पाएंगे, जिससे शेयर बाजार में निवेश का दायरा बढ़ेगा।

 

Source : Agency

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